श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के पावन अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब में लाखों श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब। इस भव्य समागम में पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार ने जनसेवा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मिसाल पेश की।
सरकार ने श्रद्धालुओं की सेहत और सुविधा को ध्यान में रखते हुए 24×7 आपातकालीन और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत इंतजाम किया। रोपड़, कीरतपुर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब में श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाई गईं। इसके साथ ही श्री आनंदपुर साहिब और रोपड़ में क्रिटिकल केयर की खास सुविधा भी रखी गई, ताकि किसी भी गंभीर मेडिकल इमरजेंसी में तुरंत मदद मिल सके।
महिलाओं और माताओं के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए। मुफ्त सैनिटरी पैड्स, स्वच्छता के लिए डिस्पोज़ल मशीनें, और बेबी फीडिंग रूम जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गईं।
स्वास्थ्य सुविधाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक नेटवर्क तैयार किया। पहले से मौजूद 21 क्लीनिकों के साथ 19 नए आम आदमी क्लीनिक बनाए गए, जिससे कुल क्लीनिकों की संख्या 40 हो गई। ये सभी क्लीनिक 24×7 खुली रहीं और श्रद्धालुओं को ओपीडी और जरूरी जाँच की सुविधा दी।
सरकार के इन प्रयासों से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली। 22 नवंबर तक की रिपोर्ट के अनुसार:
- 1,111 मरीजों की जांच हुई।
- 99 उच्च-गुणवत्ता वाले लैब टेस्ट मुफ्त किए गए।
- ‘निगाह लंगर’ पहल के तहत 522 लोगों की आँखों की जांच और 390 लोगों को मुफ्त चश्मे दिए गए।
- ज़िला अस्पताल रोपड़ में मोतियाबिंद की सर्जरी भी सफलतापूर्वक की गई।
किसी भी इमरजेंसी के लिए 24 बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस और 7 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस को रणनीतिक स्थानों पर रखा गया। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 98155-88342 भी चौबीसों घंटे सक्रिय था।
जनसेवा का ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। 25 नवंबर को विरासत-ए-खालसा और अन्य दिनों में पंज पियारा पार्क में विशेष रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में ये साबित होता है कि पंजाब सरकार केवल श्रद्धा और विरासत का सम्मान नहीं करती, बल्कि जनता की सेवा और स्वास्थ्य को अपना सबसे बड़ा धर्म मानती है।
इस भव्य आयोजन में स्वास्थ्य और सुरक्षा के ये इंतजाम दिखाते हैं कि मान सरकार के लिए सत्ता का मतलब सिर्फ काम करना नहीं, बल्कि हर नागरिक की भलाई और सेवा करना है।